Friday, February 29, 2008

और मैं ज़मींदोज़ हो गया

दम तोड़ गई आशाएं मेरी जब तेरी निगाहें बदली ...
और मैं ज़मींदोज़ हो गया ॥
धड़कने बंद हो गई दिल की मेरी जब तेरी राहे बदली ...
और मैं ज़मींदोज़ हो गया ॥
ख़ाक हो गया आशियाँ मेरा जब तेरी पनाहें बदली ...
और मैं ज़मींदोज़ हो गया ॥
मुझे समझा ऐ मसीहा मेरे क्यों तेरी चाहें बदली ...
और मैं ज़मींदोज़ हो गया ॥

हुस्न पर इतना गुरूर न कर ऐ दोस्त मेरे ...
की एक दिन तुझको भी रोना है ॥
साथ वाली खली कब्र में ...
एक दिन तुझको भी सोना है ॥

शायद तब तुझे एहसास हो की तूने ज़िंदगी में सच्चा प्यार खोया है ...
जो मरने के बाद भी तेरे साथ में सोया है ॥


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